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रेयूकाई क्या है
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रेयूकाई क्या है?
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रेयूकाई
जीवन जीने की एक व्यवहारिक पद्धति है जो आधुनिक समाज की
मांगों को पूरा करती है। रेयूकाई का दर्शन शास्त्र आज से
लगभग 2500 वर्ष पूर्व जन्मे एक महापुरुष द्वारा दी
शिक्षाओं को ही प्रतिबिम्बित करता है। यह महापुरुष
?शाक्यमुनि
बुद्ध? इस महत्त्वपूर्ण प्रश्न
से चिंतित नहीं थे कि इस विश्व की उत्पत्ति कैसे हुई?
क्योंकि वह जानते थे कि इस प्रश्न का उत्तर मानव जाति की
मूल समस्याओं का कोई भी व्यावहारिक समाधान प्रदान नहीं
करेगा। इसके विपरीत वह जन साधारण में व्याप्त पीड़ा तथा
दुःखों को दूर करने के लिये अधिक उत्सुक थे।
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उन्होंने देखा कि मनुष्यों में व्याप्त अज्ञानता एवं अनिभिज्ञता ऐसी इच्छाओं को
जन्म देती है जिसकी मनुष्य को आवश्यकता नहीं है। या यूं कहिये कि जो उनके लिये
अहितकर हैं एवं इसी अज्ञानता के कारण मनुष्य स्वयं को, एक दूसरे को तथा इस संसार को
धुंधली दृष्टि से देखता है। यह अनिभिज्ञता उन लोगों के लिये अधिक पीड़ादायक होती है
जो कि स्वयं को सुधारने का प्रयत्न तो करते हैं परन्तु इसके लिये उचित दिशा नहीं
ढूंढ पाते। उन्होंने यह भी अनुभव किया कि जिस प्रकार उन्होंने निजी अनुभवों के आधार
पर ज्ञान प्राप्त किया उसी प्रकार कोई भी अन्य व्यक्ति उस ज्ञान को प्राप्त कर सकता
है, क्योंकि उन्होंने पाया कि ज्ञान व विवेक से ही मानव मन की पीड़ा का शमन किया जा
सकता है।
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उनकी शिक्षा का सार
इस भाव में निहित है - सभी मानव अपने जीवन को सुधार सकते हैं, केवल आवश्यकता है
सदैव नये नये अनुभवों से सीखते रहने की प्रबल इच्छा की। सभी मानव अपने इन्हीं
अनुभवों के आधार पर एक दूसरे के प्रति अधिक दयालु होकर स्वयं अपनी व दूसरों की
पीड़ा कम कर सकते हैं। |
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रेयुकाई इंडिया
जापानी भाषा स्कूल |
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नई दिल्ली
(इंडिया) में निःशुल्क जापानी
भाषा कक्षाएं
आयोजित की जाती हैं
विवरण सूची एवं पाठ्यक्रम की जानकारी
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वर्कशाप
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आध्यात्मिक सहचर्या संस्था अपने सदस्यों के लिए विभिन्न कार्यशालाएं आयोजित करती है
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