रेयूकाई क्या है?
 
 
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 रेयूकाई क्या है?

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सिद्धांत
 

किसी भी व्यक्ति को जीवन पर्यन्त आत्म विकास की अनुभूति कराकर व्यक्ति के जीवन का निरूपण करके व्यक्ति को उसकी क्षमताओं की ऊँचाईयों को पहचानने की शिक्षा देना ही रेयूकाई का मूल सिद्धांत है। यह चेतना के उच्चतर स्तर को ग्रहण करने तथा अस्तित्व के भी आगे सोचने की प्रेरणा देती है। रेयूकाई की जीवन शैली का लक्ष्य है स्व-अनुभूति का विकास, जिससे आत्म निर्भरता की प्राप्ति होती है तथा सामाजिक चेतना एवं व्यक्तिगत विकास पर केंद्रित जीवन शैली को जागृत करने की क्षमता तथा इच्छा का विकास होता है। 



फ़र्रूख़ाबाद

परिवर्तन तथा विकास जीने की प्रक्रिया के केन्द्र हैं। जो लोग इस परिवर्तन को एक सकारात्मक दिशा में ले जाने तथा विकास एवं उन्नति का प्रयास करते हैं वही पाते हैं कि उन्होंने भरपूर तथा समृद्ध जीवन जीया। अपने जीवन को एक अर्थ देकर उन्होंने अपने अस्तित्व को ऊँचा उठाया।




 

   


रेयुकाई इंडिया जापानी भाषा स्कूल


गुरगांव (इंडिया) में निःशुल्क जापानी भाषा कक्षाएं आयोजित की जाती हैं

विवरण सूची एवं पाठ्यक्रम की जानकारी

वर्कशाप

आध्यात्मिक सहचर्या संस्था अपने सदस्यों के लिए विभिन्न कार्यशालाएं आयोजित करती है


 

मनुष्य का जन्म कुल-विशेष लक्षणों तथा प्राकृतिक क्षमताओं के साथ होता है जो कि उन्हें जानवरों से पृथक करता है। रेयूकाई का मानना है कि इस प्राकृतिक क्षमता को उच्चतम सम्भावित स्तर तक चमकाना तथा विकसित करना चाहिये। रचनात्मक रूप से सोचने की क्षमता तथा स्वयं की अनुभूति से भी आगे के संसार के बारे में तथा नए विचारों की कल्पना करना केवल मनुष्य का ही लक्षण है। रेयूकाई का विश्वास है कि इस योग्यता का उपयोग ना करके मनुष्य अपनी क्षमताओं को व्यर्थ करता है तथा प्रत्येक मनुष्य की दिनचर्या जैसे -

सोना, खाना, काम करना, खेलना आदि को चेतना की शक्ति से उत्तेजित करने को प्रोत्साहित करता है, जिससे वह अपनी क्षमताओं का विकास कर अपनी सामर्थ्य का पूरा लाभ प्राप्त कर सके। इस प्रकार के कार्य तथा चेतना से ही सही अर्थ में मनुष्य होने के सार तत्व का संग्रह कर पायेंगे। अपनी सहृदयता, रचनात्मकता तथा ज्ञान का विकास करके ही हम एक सहृदय विश्व का निर्माण करने में समर्थ होंगे।
 

 

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